दीया बाती ( भोजपुरी, तिमाही, ई - पत्रिका )
शुभकामना संदेश
शुभकामना
डॉ अमरेन्द्र पौत्स्यायन
2/14/20261 min read


शुभकामना संदेश
“दीया बाती” पत्रिका के तिसरका अंक के प्रकाशन पर पूरा संपादकीय परिवार आ सगरी पाठकन के ढेर सारा बधाई आ शुभकामना बा । पहिला आ दुसरका अंक के जवन प्यार, स्नेह आ सराहना पाठकन से मिलल, उहे हौसला बन के आज तिसरका अंक के रूप में सामने आइल बा । ई पत्रिका भोजपुरी भाषा, साहित्य, संस्कृति आ लोकजीवन के दीया जरावे के काम कर रहल बा, जवन सचमुच सराहनीय बा ।
आज के समय में जब मातृभाषा के अस्तित्व पर सवाल उठ रहल बा, तब “दीया बाती” जइसन प्रयास भोजपुरी के अस्मिता के बचावे आ अगिला पीढ़ी तक पहुँचावे में अहम भूमिका निभा रहल बा । एह अंक में समाहित रचना — कहानी, कविता, आलेख आ लोकसंस्कृति से जुड़ल विषय—पाठकन के सोच के नया दिशा देई, अइसन पूरा भरोसा बा ।
हम कामना करत बानी कि “दीया बाती” निरंतर प्रगति करे, नयका - नयका लेखकन के मंच दे आ भोजपुरी साहित्य के उजास घर - घर फैलावे । ई पत्रिका दीया बन के अँधियारा मिटावत रहे आ बाती बन के संस्कृति के लौ लगातार जलावत रहे — इहे हमार शुभेच्छा बा ।
“दीया बाती” के तिसरका अंक खातिर एक बार फिर से हार्दिक बधाई आ उज्ज्वल भविष्य के मंगलकामना ।
डॉ अमरेन्द्र पौत्स्यायन
जिला प्रोबेशन अधिकारी
बलिया
