दीया बाती ( भोजपुरी, तिमाही, ई - पत्रिका )

जोर केतनो जमाना लगाई, पिया

ग़ज़ल

शशि प्रेमदेव

7/28/20251 min read

ग़ज़ल

1. जोर केतनो जमाना लगाई, पिया

जोर केतनो जमाना लगाई, पिया

नेहि के ई दिया ना बुताई, पिया

प्रीति के रीति जहिया ले कायम रही

तीत मरिचो जनाई मिठाई, पिया

रोज बेरा प असहीं भेंटाइल करs

मार दी ना त हमके खराई, पिया

ले गइल दूर हमरा से तोहके जवन

रेलगाड़ी लगल ऊ कसाई, पिया

बाट जोहत निहारत बदन गलि गइल

हो गइल सींक जइसन कलाई, पिया

बैर, नफरत, सवारथ के एह दौर में

प्यार सगरो मरज के दवाई, पिया

बात कबहूँ तोहार ना मानी

बात कबहूँ तोहार ना मानी

दिल ह जिद्दी हमार, ना मानी

साँस जबले रही, लड़ी असहीं

हार गइलो प हार ना मानी

झूठ सबके कबूल हो जायी

साँच कहबs जवार ना मानी

साँझि ले कइसहूँ रही दुबकल

बाद ओकरा अन्हार ना मानी

लाख पतझर करे विरोध मगर

फेरु लवटी बहार, ना मानी

धूsर बनिके रही जे उनुका के

बे उडवले बयार ना मानी

रहि गइल जे शहर में जनमे से

गाँव के घर-दुआर ना मानी

शशि प्रेमदेव

प्रधानाचार्य

कुँवर सिंह इण्टरमीडिएट कालेज बलिया (30 प्र०) दूरभाष - 94158 30025

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