दीया बाती ( भोजपुरी, तिमाही, ई - पत्रिका )

गीत

सांवरी पुतरिया

रिंकी सोनी 'आतिशी'

12/20/20251 min read

गीत

कहि - कहि रोवे लगली सांवरी पुतरिया - 2

करे ला जहान काहें भेदवा ए माई - 2

जेहि रे दरदिया से सभे लोग जनमले ।

ओही तरे हमहूं त अइनी ए माई - 2

पनियो देवला काली - काली रे बदरिया,

काली मइया जग के पालनहारवा ए माई - 2

होसवा सम्हरलीं त इहे हम देखनीं

गोरके पे करे सब नाज़वा ए माई - 2

कहि - कहि रोवे लगली सांवरी पुतरिया - 2

करे ला जहान काहे भेदवा ए माई - 2

कवने गलतिया के, मिलत इह फलवा

रूपवा देखि मिले इनकरवा ए माई - 2

जेने - जेने जाई ला इहे हम पाई ला

जेकरे तनवा सुंदर मनवा काक ए माई - 2

हमरे भीतरिया देखले न लोगवा

चाहि सभके उजर - उजर मांसवा ए माई - 2

कहि - कहि रोवे लगली सांवरी पुतरिया - 2

करे ला जहान काहे भेदवा ए माई - 2

फलवा में बहुते गुणकारी इ जमुनवा

उहो केतना बाटे कारी - कारी ए माई - 2

कारी रे शरीरिया के बारे नु कन्हैया

उनुका पूजे काहे जहानंवा ए माई - 2

हमर इ रंगवा पे सभेके तिरछी नजरिया

जिनगी भइल बा दुश्वारवां ए माई - 2

कहि - कहि रोवे लगली सांवरी पुतरिया - 2

करे ला जहान काहे भेदवा ए माई - 2

रिंकी सोनी 'आतिशी'