दीया बाती ( भोजपुरी, तिमाही, ई - पत्रिका )
इ सुना बतिया हमार
लोकगीत
डॉ संगीता पाल
3/15/20261 min read


इ सुना बतिया हमार
ठीक ना बा लोगवन के हलतिया हो इ सुना बतिया हमार,
कइसे बताईं हम बिपतिया हो इ सुना बतिया हमार ।
चारों ओर बाटे बड़ी जोर महंगाई,
कैसे उ जी जेकर कम बा कमाई ।
देख ल गरीबन के सुरतिया हो इ सुना बतिया हमार,
ठीक ना बा लोगवन क हलतिया हो इ सुना बतिया हमार ।
कइसे..
हेरे नौजवान नहीं मिलय रोजगार हो,
रात दिन क भइल सारी मेहनत बेकार हो ।
कइसे होई आगे क पढ़इया हो इ सुना बतिया हमार,
ठीक ना बा लोगवन के हलतिया हो इ सुना बतिया हमार ।
कइसे..
बड़ा अत्याचार होला बिटिया के सथवा,
वहशी दरिंदन क बढ़ल बाटे मनवा ।
लागेला करेजवा में अगिया हो इ सुना बतिया हमार,
ठीक ना बा लोगवन के हलतिया हो इ सुना बतिया हमार ।
कइसे...
जात धरम के नाम होत बा लड़ाई ,
चारों ओर से आम जनता पिसाई ।
भरमल बा सब कर मतिया हो इ सुना बतिया हमार,
ठीक ना बा लोगवन क हलतिया हो इ सुना बतिया हमार ।
कइसे..
भोग विलास में डूबल रहैं सन्यासी,
देखी के त्याग इनकर आवेली हंसी ।
उधेड़े कबीर इनकर बखिया हो इ सुना बतिया हमार,
ठीक ना बा लोगवन क हलतिया हो इ सुना बतिया हमार ।
कइसे...
कहें ’संगीता’ बड़ी साफ साफ बतिया,
दिनवा के दिन कहें रतिया के रतिया ।
नाही करें केहू के चाटुकरिया हो, इ सुना बतिया हमार ।
ठीक ना बा लोगवन क हलतिया हो इ सुना बतिया हमार ।
कइसे बताईं हम बिपतिया हो इ सुना बतिया हमार..
डॉ संगीता पाल
कच्छ, गुजरात
