दीया बाती ( भोजपुरी, तिमाही, ई - पत्रिका )
पहिले अस अगराई कइसे
ग़ज़ल
डॉ. कादम्बिनी सिंह
7/25/20251 min read


ग़ज़ल
पहिले अस अगराई कइसे
मन के मइल धोवाई कइसे
जे बैनन का बीच गंथल
ऊ बैन के बान चलाई कइसे
जारि के करिखा काहे कइले
माटी अब पियराई कइसे
लागत बा बहि जाई गंउआं
बरखा आजु पटाई कइसे
लड़काई के गोटी खेलल
चउथापन बिसराई कइसे
जेकरा खातिर जवन धइल बा
ओसे बेसी पाई कइसे
डॉ. कादम्बिनी सिंह
शिक्षिका आ लेखिका
सह सम्पादक
दीया बाती
सचल दूरभाष- 9415681901
