दीया बाती ( भोजपुरी, तिमाही, ई - पत्रिका )

भोजपुरी गजल

गवाँई जान ऊ आपन

शशि प्रेमदेव

12/28/20251 min read

भोजपुरी गजल

गवाँई जान ऊ आपन , करी जे रार हमनी से

भरम में जनि रहs कि ना उठी तलवार हमनी से

कि अब हमनो क' आपन फौज बा, आपन मसीहा बा

सहाई के तरे केहू क' अब ललकार हमनी से

सिंहासन छोड़िके सूरुज के आवे के पड़ी इहँवाँ

रही कहिआ ले कन्नी काटिके उजियार हमनी से

शहर हमनी के भुच्चड़ कहि रहल बा एह् बदे, पंचों

कि टट्टी में सिराई ना पढ़ल अखबार हमनी से

चले कs लूर ओकरो आ गइल - ई तब कहल जाई

उठाई डेग जहिआ पूछिके सरकार हमनी से

शशि प्रेमदेव

प्रधानाचार्य, कुंवर सिंह इण्टर कॉलेज

बलिया

9415830025

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